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छोटी काशी मंडी पहुंचे बड़ादेव कमरुनाग, मंडी शिवरात्रि महोत्सव के कारज शुरू

➤ देव कमरूनाग के आगमन से मंडी शिवरात्रि महोत्सव के कारज शुरू
➤ डीसी अपूर्व देवगन ने राज माधव राय मंदिर में किया विधिवत स्वागत
➤ 8 दिन टारना माता मंदिर में विराजेंगे, 216 देवी-देवताओं को निमंत्रण


मंडी। छोटी काशी मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का विधिवत आगाज हो गया है। मंडी जनपद के अराध्य देव कमरूनाग शनिवार दोपहर बाद मंडी पहुंच गए। देवता के नगर प्रवेश के साथ ही पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण बन गया।

जिला उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने राज राज माधव राय मंदिर के बाहर विधिवत पूजा-अर्चना कर देव कमरूनाग का स्वागत किया। इसके बाद देव कमरूनाग की छड़ी को राजमहल ले जाया गया, जहां राज परिवार के मुखिया ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवता का अभिनंदन किया।

राजमहल से देव कमरूनाग की छड़ी को शहर के प्रसिद्ध टारना माता मंदिर पहुंचाया गया। अब देव कमरूनाग आगामी आठ दिनों तक यहीं विराजमान रहेंगे। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर देवता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

मंडी में प्राचीन काल से मनाए जा रहे शिवरात्रि महोत्सव की शुरुआत देव कमरूनाग के आगमन से ही मानी जाती है। देव कमरूनाग वर्ष में केवल एक बार शिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने के लिए मंडी आते हैं। डीसी अपूर्व देवगन ने कहा कि उन्होंने देव कमरूनाग से शिवरात्रि महोत्सव के सफल आयोजन की कामना की है और देवता के आगमन के साथ ही उत्सव का शुभारंभ हो गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।

सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने बताया कि इस बार 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को शिवरात्रि महोत्सव का निमंत्रण भेजा गया है। शनिवार को देव कमरूनाग सहित कुछ प्रमुख देवी-देवताओं का आगमन हो चुका है, जबकि अधिकांश देवी-देवता शिवरात्रि के दिन मंडी पहुंचेंगे। उन्होंने देवी-देवताओं के बैठने के लिए उचित स्थान उपलब्ध करवाने पर प्रशासन का आभार जताया।

रविवार को शिवरात्रि के उपलक्ष्य में सुबह 10 बजे लघु जलेब यानी शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा राज माधव राय मंदिर से बाबा भूतनाथ मंदिर तक जाएगी, जहां डीसी मंडी विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। दिन भर विभिन्न मंदिरों में पूजन का क्रम चलेगा।

सोमवार को सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ डिप्टी सीएम द्वारा किया जाएगा। 16 फरवरी को दोपहर बाद भव्य जलेब निकलेगी, जो पड्डल मैदान पहुंचेगी और वहीं से महोत्सव का औपचारिक आगाज होगा।